आईये दीपावली मनायें ! प्राकृतिक और पारंपरिक ढंग से
कम से कम
एक दिन साल में ऐसा हो
जिस दिन
घर- आंगन रोशन हो
कृत्रिम रोशनी से नहीं
पारंपरिक घृत व तेल के दीयों से
आतिशबाजी हो
पटाखों की नहीं
सार्थक विचार - अभिव्यक्ति की
गूंज उठे जहां सारा.....।
( शुभ दीपावली )