कलरव
Showing posts with label
kavita
.
Show all posts
Showing posts with label
kavita
.
Show all posts
Sunday, July 26, 2009
स्वप्नलोक में
स्वप्नलोक में
और
कल्पनालोक में ही
शान्ति का मार्ग है
इस पार की दुनियां में
अब अमन-चैन सुख-दुख
सिमटता जा रहा है
घटनाएं
परिवर्तित स्वरुप में
सामने आ रही हैं
लूटपाट-हत्या
अत्याचार आदि का
बोलबाला है............!
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)