आज हरितालिका तीज है
सुना है
माता पार्वती ने इसी दिन
भगवान शंकर की अर्धांगिनी
होने का सौभाग्य पाया
इस परंपरा के अनुसार महिलाएं
रखती हैं व्रत पति के दीर्घायु होने के लिए।
आज की महिला
केवल घर में ही रहने वाली नहीं
कामकाजी भी हैं
उनके लिए यह व्रत
कितना जायज है ?
अब इनकी बराबर की भागीदारी है |
आज का पुरुष
इतना वफादार है क्या ?
इस प्रश्न के आगे
निरुत्तरित हो जाता हूं मैं...............!