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Wednesday, September 23, 2009

फूल जाते हैं हांथ पांव.....!

दिन -ब - दिन
समस्याएं साथ नहीं छोड़ रहीं
इस जंजाल से मुक्ति पाने का
अनूठा मार्ग है
समस्या के साथ ही साथ ।

जितनी गहरी समस्या
उतनी मोटी रकम
घूस के रूप में
समस्या हल हो जायगी
बिना किसी योग्यता के ।

मोटी रकम से निर्धारित मानक
क्षण भर मे
सारे मानक खुद - ब - खुद
पूरे हो जाते हैं...!
और हो जाते हैं सफल ।

कुछ लोग !
देखते रह जाते हैं वह
जो जानते हैं उनकी वास्तविकता
हांथ पर हांथ धरे रह जाना
बन जाती है उनकी नीयति...!

देख कर यह सब
फूल जाते हैं हांथ पांव
हृदय में चलने लगते हैं घूंसे
धाड़ - धाड़ बजने लगता है वह ।

क्या मेरी सारी ऊर्जा
जो लगा दी मैने
एकेडमिक रिकार्ड बनाने में
उसका कोई मोल नहीं
क्योंकि नही दे सकता मैं
इतना सारा घूस .....।