मैने देखा
समय ने दांव दे दिया
आज
ऐसा आदमी
जिसने जीवन में किसी के सामने
हांथ फैलाना उचित नहीं समझा
आज वह बिना लाग-लपेट के
पुकार रहा है............
एक ऐसे आदमी को
जो अभी अपनी स्थापना के लिये
दिन-ब-दिन
नये-नये मायने तलाश रहा है
दोनों ने अपना स्नेह निर्झर
ऐसा बहाया
लगा जैसे जीवन सरिता
बह चली
हां ! समय ने दांव दे दिया।
Tuesday, August 25, 2009
Sunday, August 23, 2009
हरितालिका तीज
आज हरितालिका तीज है
सुना है
माता पार्वती ने इसी दिन
भगवान शंकर की अर्धांगिनी
होने का सौभाग्य पाया
इस परंपरा के अनुसार महिलाएं
रखती हैं व्रत पति के दीर्घायु होने के लिए।
आज की महिला
केवल घर में ही रहने वाली नहीं
कामकाजी भी हैं
उनके लिए यह व्रत
कितना जायज है ?
अब इनकी बराबर की भागीदारी है |
आज का पुरुष
इतना वफादार है क्या ?
इस प्रश्न के आगे
निरुत्तरित हो जाता हूं मैं...............!
सुना है
माता पार्वती ने इसी दिन
भगवान शंकर की अर्धांगिनी
होने का सौभाग्य पाया
इस परंपरा के अनुसार महिलाएं
रखती हैं व्रत पति के दीर्घायु होने के लिए।
आज की महिला
केवल घर में ही रहने वाली नहीं
कामकाजी भी हैं
उनके लिए यह व्रत
कितना जायज है ?
अब इनकी बराबर की भागीदारी है |
आज का पुरुष
इतना वफादार है क्या ?
इस प्रश्न के आगे
निरुत्तरित हो जाता हूं मैं...............!
Saturday, August 22, 2009
बगिया बहुत उदास है
Friday, August 21, 2009
विचार
विचार
मुखरित हो उठते हैं
भाषा में भी जान आ जाती है
मस्तक भी हो जाता है तेजमय
जब
आप हो जांय
कर्तव्यनिष्ठ
और फिर
जीवन
सुखमय
शान्तिमय
भेदभाव रहित हो जाता है.....!
मुखरित हो उठते हैं
भाषा में भी जान आ जाती है
मस्तक भी हो जाता है तेजमय
जब
आप हो जांय
कर्तव्यनिष्ठ
और फिर
जीवन
सुखमय
शान्तिमय
भेदभाव रहित हो जाता है.....!
Wednesday, August 19, 2009
जब तुम चाहोगे
सच है
खिलेगा कमल
पंछी गुनगुनाएंगे
कोयल कू कू करेगी
महकेगा चमन
बहेगी हवा
सुहावना होगा मौसम
सब कुछ अच्छा होगा.........
हे ईश्वर !
जब तुम चाहोगे|
.................................................
खिलेगा कमल
पंछी गुनगुनाएंगे
कोयल कू कू करेगी
महकेगा चमन
बहेगी हवा
सुहावना होगा मौसम
सब कुछ अच्छा होगा.........
हे ईश्वर !
जब तुम चाहोगे|
.................................................
Tuesday, August 18, 2009
बांधो न नाव इस ठांव बन्धु!
Monday, August 17, 2009
सामान्य हुआ मौसम
बारिश आयी
सामान्य हुआ मौसम
जनजीवन खुश हो उठा
आस जगी
अब भी
चलो
रोपाई हो धान की
शायद ईश्वर की यही ईच्छा हो
खेत फिर से लहलहा उठे
अनाज पैदा हो
निजात मिले सूखे से
यही प्रार्थना है
क्यों कि
जब
किसान हो खुशहाल
तभी होगा
देश खुशहाल...।
सामान्य हुआ मौसम
जनजीवन खुश हो उठा
आस जगी
अब भी
चलो
रोपाई हो धान की
शायद ईश्वर की यही ईच्छा हो
खेत फिर से लहलहा उठे
अनाज पैदा हो
निजात मिले सूखे से
यही प्रार्थना है
क्यों कि
जब
किसान हो खुशहाल
तभी होगा
देश खुशहाल...।
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