Thursday, August 6, 2009

सावन भी चला गया

नहीं बदला मौसम
इस बार.......
रिमझिम फुहारें
सावनी बयार
सब
सपनों में ही रह गयी
सावन भी चला गया.......

8 comments:

रंजना [रंजू भाटिया] said...

सही कहा जी सावन बीता सूखा सूखा

Science Bloggers Association said...

Kya kar sakte hain hum?
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

chandan said...

बाहतरीन भाव, सावन का जीवंत चित्रण, कम शब्दों में,

hem pandey said...

सावन चला गया तो भादौ से आशा है. यही आशा जीवन है.

हिमांशु । Himanshu said...

हाँ, चला गया । रह गयीं दरारें- सूचनायें उसके न आने की, या सूखे चले जाने की ।

Dhiraj Shah said...

रिमझीम फुहारो की मदमस्त बहार

Aarjav said...

........हर बार आ ही जाए तो क्या मजा है ..!

M.A.Sharma "सेहर" said...

कम शब्दों में सही कहा..
सावन की बयार और रिमझिम बौछार को तरस गए इस बार

ब्लॉग पर पधारने का भी बहुत शुक्रिया !!!!